अधूरा जहां | Adhura Jahan
चलो मुकम्मल फिर से जहां अपना करें बिछड़े हुए हैं बरसों से आओ सुलह करें आओ करें यह वादा एक बार फिर से हम एक-दूसरे से फिर कभी ना धोखा करें जब प्यार मेरे दिल में है, तेरी आंखों में भी क्यों देख-देख एक-दूसरे को आहे भरे हरपल जुदाई में गुजरा, दो पल दामन में है खोना नहीं तकरार में, आओ प्यार ही प्यार करें वक्त जो आने वाला है बहोत मुश्किल होगा चलो मुश्किलों के साथ लड़ने का इरादा करें चलो मुकम्मल फिर से...