एक बार एक बच्चा मुझसे कोई कहानी सुनाने की ज़िद कर बैठा और दोस्तों वह कहानी कुछ इस प्रकार थी! यह उस समय की बात थी, जब बहुत काली रात थी। ठंडी-ठंडी हवा चल रही थी, पत्ता-पत्ता ठंड के कारण ठिठुर रहा था। मैं अपनी सेना की टुकड़ी के साथ जंगल में था, तब मुझको एक संदेश मिला कि दुश्मनों ने घेर लिया है तुमको, वे हमारी सीमाओं की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मैंने जैसे ही संदेश सुना, मेरा शरीर काँप उठा। मैंने झट से अपने सैनिकों को तैयार किया और फिर एक छोटी पहाड़ी से हमला बोल दिया। चारों तरफ गोलियाँ चलने लगीं, मानो ठंडी रात में कोई भयानक तूफ़ान आ गया। हमारे सारे दुश्मन मारे गए। हमने चैन की साँस ली। हम जंगल में आगे बढ़ ही रहे थे कि दुश्मनों के टैंक नज़र आती है। मेरे सिपाही बहादुरी से लड़े, लेकिन सभी मारे जाते हैं। मैंने बड़ी बहादुरी से दुश्मन के टैंक्स को एक-एक कर नष्ट कर दिया। मैं बहुत थक चुका था। जंगल में शेर-भालू का भी डर था। थोड़ी दूरी पर मुझे पानी नज़र आया। मैंने अपनी बंदूक फेंकी और पानी पीने को आगे बढ़ा। मैंने जैसे ही झील की तरफ हाथ बढ़ाया और अंजलि भर पानी मुँह के पास लाया, अचानक एक भयानक-सा चेहरा मेरे ...