खामोश हसरत | Khamosh Hasrat | Anil Satyam
बरसों के बाद उनकी सूरत जो देख ली
बेबात रो पड़े हैं एक भूली सी याद पेदिल्लगी की थी हमने वो मुस्कुराएंगे
वो रूठ ही जा बैठे इस छोटी-सी बात पे
ज़्यादती हमारे साथ आशिकी में हो गई
दिल को जो हमने रख दिया नादां के हाथ पे
कभी भूलने भी ना देता है उनका ख़याल मुझको
वो रूठना-मनजाना उनका बात-बात पे
कोशिश मेरी सब बेकार ही रही भूल पाने की
यादें उनकी बढ़ती चली जब हर सांस पे
वो एक दफ़ा तो कहते तुमसे प्यार है
हम हद से गुजर जाते इतनी-सी बात पे
मैं भी जुदा उससे वो भी जुदा-जुदा
एक-दूसरे से हो गए जुदा, जुदा-सी बात पे
दिल को जो हमने रख दिया नादां के हाथ पे
कभी भूलने भी ना देता है उनका ख़याल मुझको
वो रूठना-मनजाना उनका बात-बात पे
कोशिश मेरी सब बेकार ही रही भूल पाने की
यादें उनकी बढ़ती चली जब हर सांस पे
वो एक दफ़ा तो कहते तुमसे प्यार है
हम हद से गुजर जाते इतनी-सी बात पे
मैं भी जुदा उससे वो भी जुदा-जुदा
एक-दूसरे से हो गए जुदा, जुदा-सी बात पे
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