एक ही शख़्स से वही इश्क दुबारा होना
यानी ख़सारे में एक और खसारा होना

मेरे साथ आओ तुम्हें दुनिया दिखाता हूं
किस-किस को है मेरी बात पर गवारा होना

सुर्खी तेरे रुखसार की पयाम देती है
मुमकिन कहां इतने लोगों मैं इशारा होना

उसके दिल में मोहब्बत थी मैं जानता हूं
पर उसको मंजूर ही नहीं था हमारा होना

एक बार उसको देखा था आधी रात में
फिर ना नसीब हुआ जन्नत का नजारा होना

वह तो तेज़ रवानी में निकल जाती थी
मैं भी चाहता था दरिया से किनारा होना

तेरे जाने के बाद गैर ने सहारा दिया मुझे
अब तो मुश्किल है मेरी जान तुमारा होना

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