शेर । गर्मी

के मौसम गर्मी का बडा ही बे-दर्दी होता है
ज़ालिम रज़ाई भी कतराती है नज़दीक आने में

Comments

Popular posts from this blog

भारत की माता ‘शूद्र’ (लेख)

Ghazal (✓) इश्क़ में यार अपने ही बेगाने हो गए

अंबेडकर और मगरमच्छ