शेर शायरी | Sher Shayari | 10 Best Sher ever | शेर
अभी और बहोत है चाहत ऐसे दीवानों की
इक दिल-दरिया को नाज़ था अपनी रवानी पे
ठहराव मेरे समंदरे-ग़म देखा, शर्मसार हो चली
कोई पूछ बैठा के ग़ज़ल क्या है?
मैंने इशारों में अपने दिल के राज़ खोल दिए
तेरी उमर क्या है? हस्ती क्या है? कुछ नहीं
दो पल की ज़िदगी है बस ख़बर कुछ नहीं
मैं एक मुसाफ़िर हूं तेरी रज़ा की किश्ती का
चाहे साहिल पे ले चल चाहे डुबा दे मुझें
यह पैग़ाम आया ख़ुदा का मुहब्बत कर ले 'सत्यं'
अब क्या कुसूर मेरा जो दिल उन पे आ गया
एतबार कर पैग़ाम ए मोहब्बत जिसके हाथों भेजा
वो क़ासिद भी कमबख़्त मेरा रक़ीब निकला
वो क़ासिद भी कमबख़्त मेरा रक़ीब निकला

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