हास्य शेरो-शायरी | Funny and Comedy Sher Shayari
मैं तेरा सिर अपने कांधे पे तो रख लूं तो रख लूं
पर क्या करूं तेरी ज़ुल्फ़ों में जूं बहुत हैयह एहसान कर दे कहना मान ले मेरा
कहीं डूब मर जाके, के मुंह दिखे ना दिखे ना तेरा
वो एक हंसी ना, दूसरी हंस गई
मैं पटा रहा था तीसरी को, चौथी पट गई
जिंदा रहते वो इज़हारे-मोहब्बत ना कर सकी
अब भूत बनके मेरे पीछे पड़ी है
शे'र तो मैं मार दूं, तकरार से डरता हूं
कहीं सज़ा ना दे दे मुझको, सरकार से डरता हूं
जिंदा रहते वो इज़हारे-मोहब्बत ना कर सकी
अब भूत बनके मेरे पीछे पड़ी है
शे'र तो मैं मार दूं, तकरार से डरता हूं
कहीं सज़ा ना दे दे मुझको, सरकार से डरता हूं
यह सच है दोस्तों ख़ुदा सबसे बड़ा है
वरना सिकंदर जैसे शाह बुखार से ना मारे जाते
इतना सूख गया हूं तेरी बेवफ़ाई से
के बस जी रहा हूं हकीम की दवाई से
वरना सिकंदर जैसे शाह बुखार से ना मारे जाते
इतना सूख गया हूं तेरी बेवफ़ाई से
के बस जी रहा हूं हकीम की दवाई से
एक तो वो बदशक्ल है
फिर ऊपर से बेअक़्ल है
Comments
Post a Comment